पड़ोस में भी फ़ैशन आईकोन है / दीपांशी

रोहिणी और तानिया गहरी दोस्त हैं और दोनों  को फैशन अपनी तरफ खींचती है।रोहिणी 16

साल की है और तानिया 17 साल की। रोहिणी और तानिया बातचीत कर रही थीं कि तभी सोना

उधर से गुजरी। रोहिणी अपनी दोस्त तानिया से कहने लगी, "सोना की पर्सनैलिटी तो देखो! ऐसा

लगता ही नहीं है कि इसके कपड़े मंगल बाज़ार के हैं और ये मंगल बाजार से खरीदती भी होगी

तो कितना चुन-चुन कर।" तानिया ने कहा "हाँ, बिल्कुल ठीक कह रही हो! मुझे भी उससे कॉलेज

के बारे में बात करनी है, पर अभी तो वह कॉलेज जा रही है बाद में बात करेंगे।" 

सोना झांसी गली की रहने वाली है। वह 19 साल की है और पिछले कुछ दिनों से दयाल सिंह

कॉलेज जा रही है। जब भी वह कॉलेज जाती है तो चूड़ीवाली गली से होते हुए जाती है। उस

गली के बाहर चूड़ी की दुकान है इसलिए लोगों ने उस गली का नाम ही चूड़ीवाली गली रख दिया

है। जब वो उस गली से निकलती है तो वहाँ की कुछ लड़कियाँ उसको देखकर आपस में बातचीत

करती हैं कि हम भी उससे बातचीत करें। कॉलेज के बारे में कुछ बातें पूछे। 

कॉलेज जाते वक़्त वह अपना एक ही सेटअप रखती है, जैसे अगर वह कभी शर्ट पैंट पहनती है

तो उसके नीचे स्टाइलिश जूते पहनती है और अगर लोअर पहनती है तो उसके ऊपर क्रॉप टॉप

पहनती, पैरों में हील पहनती है। और अगर वह गले में चेन पहनती है तो हाथ में घड़ी नहीं

पहनती। और अगर घड़ी पहनती है तो चेन नहीं पहनती। यही सवाल गली में काफ़ी लड़कियों

को उससे पूछना है कि आखिर ऐसा क्यों करती है वो!

उसको देखकर सादगी का एहसास तो होता ही है पर सादगी में भी स्टाइल महसूस होता है। 

आज कॉलेज से वापस आते वक़्त वह उन लड़कियों से बात करने के लिए उनके पास चली गई।

वह लड़कियाँ वहीं अपने घर के सामने खड़ी थी। और उसको आते देख मुस्कुरा रही थी। जब

सोना उनके पास गई तो लड़कियों ने पूछा कि आप फ्री हो! हमें आपसे कॉलेज के बारे में कुछ

बात करनी है। अगर आप अभी फ्री नहीं हो तो घर से होकर आ जाओ। हम यहाँ चबूतरे पर

बैठकर आपका इंतजार करेंगे।

सोना ने कहा, "बोलो! मैं अभी फ्री हूँ।"

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रोहिणी ने कहा, "मैंने आपकी एक चीज़ बहुत नोटिस की है, जब भी आप गले में पतली वाली

चेन पहनते हो तो हाथ में घड़ी क्यों नहीं बाँधते?"

वह बोली, "अरे! वह तो मैं अपने कपड़ों के अनुसार पहनती हूँ। जैसा कि तुम लोगों ने देखा है

कि मैं हमेशा एक ही चीज़ पहनती हूँ - घड़ी या चेन। पर कभी मेरे कपड़े देखना जब मैं फुल

बाजू की टॉप या फिर कुर्ती पहनती हूँ तब गले में चेन पहनती हूँ और अगर हाफ बाजू की शर्ट

पहनती हूँ तब हाथ में घड़ी बाँध लेती हूँ। और घड़ी का स्टेप भी चेंज करती रहती हूँ।"

उसके बगल में बैठी तानिया कहने लगी, "सोना, तुम तो कॉलेज जाती हो। तुम्हें तो पता है कि

वहाँ लड़कियाँ कैसे गेटअप में आती है! वहाँ का माहौल कैसा होता है! हमें भी तो उसके बारे में

बताओ। अभी हम 12वीं कक्षा में है, इसके बाद हमें भी कॉलेज जाना है।"

सोना कहने लगी, "वहाँ पर तो कई इलाकों की लड़कियाँ आती है। कुछ लड़कियाँ स्टाइलिश बन

कर आती है तो कुछ सिंपल ही आती है। सबका पहनावा अपनी तरीके से होता है। हाँ, पर जो

लड़कियाँ थोड़ा स्टाइलिश बनकर आती हैं वे भी ज़्यादा मेकअप नहीं करतीं, अपनी स्किन के

हिसाब से तैयार होकर आती हैं। कुछ लड़कियों की बालों की कटिंग भी अलग होती है, जैसे कोई

बटरफ़्लाई कटिंग, तो कोई लेजर कटिंग, तो कोई बॉय कटिंग करवाती हैं। और बहुत-सी

लड़कियों ने अपने बालों में कलर भी करवाया है। किसी-किसी ने बालों में हाईलाइट भी करवाई

है। ख़ाली समय में तो कुछ लड़कियाँ छोटे-छोटे झुंडों में बैठकर स्टाइल के बारे में बातचीत

करती हैं जैसेकि कल क्या पहन के आना है। फंक्शन वाले दिन क्या पहनना है! कॉलेज की

छुट्टी होने के बाद हम सरोजिनी चलेंगे। वहाँ के कपड़े स्टाइलिश होते हैं और सबको पसंद भी

आते हैं। और जहाँ देखो वहाँ हर तरह के कपड़े और डिजाइन वाले होते हैं। और टॉप का तो

कहना ही क्या किसी भी स्टाइल का ले लो और वह भी प्राइस के मुताबिक। हमारी उम्र की

लड़कियाँ वहाँ पर तो कुछ ना कुछ खरीदते हुए ही दिखती है। तभी दूसरी कहने लगी कि हाँ! हाँ!

मैं भी वहाँ से जूते खरीद लूँगी।

रोहिणी कहने लगी फिर तो लड़कियाँ तैयार होने के लिए सामान भी लेकर जाती होंगी!

हाँ, लड़कियाँ यह सब लेकर जाती हैं। कुछ सामान तो उनके बैग में रहता ही है जैसे कि हेयर

बैंड, लिपस्टिक काजल, पेपर शोप और भी बहुत सारा सामान। 

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यह सब सुनकर वहाँ बैठी सारी लड़कियाँ एक-दूसरे का चेहरा देखने लगीं और कहने लगी, "अरे

फिर तो वहाँ बहुत मजा आता होगा।" रोहिणी ने कहा,"वहाँ पर तो बहुत से फंक्शन भी होते

होंगे, जैसा कि आप बता रहे हो। फंक्शन में आपने क्या पहना था?"

सोना ने कहा, "हाँ कुछ दिनों पहले की बात है, मुझे स्पीच देनी थी इसलिए मुझे कपड़े चाहिए

थे।"  

तानिया ने कहा, "तो क्या आपने मंगल बाज़ार से कपड़े लिए थे?"

सोना ने कहा, "नहीं! नहीं मंगल बाज़ार से कपड़े नहीं लिए थे। मुझे ज़्यादातर कमला नगर के

ही कपड़े पसंद आते हैं। मैं अपने दोस्तों के साथ कमला नगर गई थी। मैंने वहाँ बहुत सारी

दुकानों पर अलग-अलग डिजाइन के कपड़े ट्राई करके देखे। वहाँ पर अलग-अलग शोरूम में

अलग-अलग तरह के कपड़े थे जिसे देखकर मन कर रहा था कि इसे अभी ही ले लूँ। वहाँ पर

बहुत-सी दुकानों पर देखने के बाद वहीं से मैंने कार्गो और फ्लिपकार्ट टॉप लिया था। आज मैं

वहाँ से आ रही थी तब मैंने देखा कि वहाँ पर एक दुकान है जूते की। उस जूते की दुकान पर

मैंने एक व्हाइट कलर के जूते देखे फिर मैंने अपने फ़ोन में देखा जिनका मैंने स्क्रीनशॉट लिया

था मीशो से आर्डर करने के लिए,वह जूते उनसे मिलते जुलते थे इसीलिए मैंने सोचा क्यों ना मैं

यही ख़रीद/ले लेती हूँ, फिर मैंने वह जूते ले लिए।

कुछ देर बाद सोना कहने लगी, "अच्छा! अब मैं चलती हूँ, बाद में ख़ाली वक़्त में आकर तुम

लोगों से और बातें करूँगी।" सोना वहाँ से जा रही होती है तो सोचती है कि जितना इनको क्रेज

है मुझे भी पहले उतना ही था। 

जब सोना चली गई तो रोहिणी कहने लगी, "जल्दी से मेरी 12th पास हो तो कॉलेज जाऊं और

क्योंकि मैं भी घर से बाहर निकला करूं ।तभी यह भी जान पाऊंगा कि शहर हमारे मोहल्ले से

कितना अलग है और धीरे-धीरे पूरे शहर को जान लूं।"

" हां, कॉलेज ज़रूर जाना है ताकि मीडिया में जाने का सपना पूरा कर सकूं और इस ख्वाहिश

को ठोस शक्ल दे  सकूं कि न्यूज़ हर तबके लोगों तक पहुँच पाए और उनको समझ आए और

उस पर वह सोचे।"

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